Sunday, 2 April 2017

किस्सा

 किस्सा 


अधूरे ख्वाबो की सच्ची कहानी थी , कह गया। 
तेरी तमाम यादों का किस्सा क़तरा - क़तरा बन आँखों से बह  गया। 


टुटा, बिखरा , चूर हुआ , दिल ही तो था, मेरा था मेरे पास ही रह गया। 





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