Friday, 2 June 2017

सुखी और सफल वैवाहिक जीवन के आधुनिक नुस्ख़े -1

सुखी और सफल वैवाहिक जीवन के आधुनिक नुस्ख़े

 अरे आप हंस क्यों रहे हो ? चुटकुला नहीं है। ऐसा होता है। वैसे सफल वैवाहिक जीवन होना अलग बात है, सुखी वैवाहिक जीवन होना दूसरी बात है और एक सुखी प्लस सफल का कॉम्बो वैवाहिक जीवन सबसे बड़ी बात है जो शायद आपको फिक्शनल सी लगे। लेकिन यकीन मानो सुखी, सफ़ल और ऊपर से वैवाहिक, ऐसा जीवन होता है इसी धरती पर होता है। झूट बोलू तो काला कुत्ता काटे (कुत्ता इसलिए क्योंकि काले कौवे आजकल हमारी लोकैलिटी में नहीं मिलते, वो पुराने लोग कहते है न कि  कौवा बोले तो अतिथि आ जाते है, इसीलिए अतिथियों के भय से हमने कौवो को मार भगाया, और अपने अपने घरो में कुत्ते पाल लिए है। )

 मुद्दे पर आते है, तो जनाब जिनका कट चूका है मतलब विवाह हो चूका है वो लोग ध्यान और मन लगा के पढ़िए और वो जिनकी बुद्धि अब तक सही सलामत है वो तो अवश्य पढ़े। अविवाहित इंसान सदैव ऐसा नहीं रहने वाला, क्योंकि किसी ने कहा है कि भारत में मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जो विकासशील हो न हो विवाहशील जरूर है । आप कितने ही अच्छे तैराक क्यों न हो विवाह रूपी दरिया में आपने डूब ही जाना है एक दिन।

पुरातन काल में तो हमारे पूर्वजो ने जैसे तैसे अपने जीवन को सुखी और सफल बना लिया था किन्तु मॉडर्न युग में आपको अगर एक सुखी और सफल वैवाहिक जीवन जीने की कला सीखनी है तो अपने आसपास गौर से देखना शुरू कीजिये।

हमने भी अपने आसपास की चीजों का थोड़ा अध्ययन किया और गूढ़ रहस्य का पता पड़ा की सोशल मीडिया वाले आधुनिक काल में स्वयं के चुने हुए शत्रु के साथ कैसे जीवन बिताया जाये। जी हाँ दोस्तों, मैंने  हाल ही में जाना कि सोशल मिडिया के जरिये आप सिर्फ सरकार ही नहीं चला सकते अपितु घर गृहस्थी और परिवार भी चला सकते है।

कैसे ?

निम्नलिखित बिंदुओं को पढ़े और आत्मसात करे। आज सोशल मीडिया का जमाना है उसका भरपूर उपयोग ही आपको बैकुंठ धाम का सुख देगा।

१. बीवी को कभी भी फेस-टू -फेस हैप्पी बर्थडे न बोले, बल्कि फेसबुक पर एक घटिया से शायर की चुराई हुयी तुकबंदी के साथ जन्मदिन की शुभकामनायें दें। (इसके लिए मुझे संपर्क करे, हाथोहाथ तुकबंदी करके देंगे वाज़िब दाम पर) अपनी फेसबुक पोस्ट में बताएं दुनिया को की आप कितने खुशनसीब है जो आपको ऐसी (ऐसी मतलब, वो जैसी है वैसे नहीं लिखना है उसका उलट बहुत तारीफों के साथ लिखना है ) बीवी मिली है। खबरदार जो अगर आपने यहाँ सच का एक बूँद भी लिखा, तो बे-मौत मारे जाओगे। (इसकी जिम्मेदारी हम नहीं लेंगे)

२. जन्मदिन पर आप उसके कुछ पुराने अच्छे से (फ़िल्टर और मेकअप वाले ) फोटोज़ भी पोस्ट कर सकते है। यहाँ भी  यह ध्यान रहे की कोई ऐसा फोटो गलती से भी न पोस्ट हो जाये जिसमे फ़िल्टर न लगा हो या बिना मेकअप वाला फोटो हो।अगर आपसे ऐसा कुछ हो जाता है तो एम्बुलेंस को एडवांस में फ़ोन करके रखिये।


३. अच्छा, आपको उसके अच्छे फोटोज नहीं मिल रहे है तो बढ़िया मौका है रिश्ते को मजबूत करने का, तुरंत एक DSLR खरीद डालिये, ऑटो मोड में बीवी के धड़ाधड़ फोटोज निकालिये। जहाँ भी आप जाइये कैमरा लेकर जाइये। और इन फोटोज को अच्छे से डबल प्रोसेस करके बीवी को कहिये अपलोड करे। फिर आप अपने आप को टैग करे और फोटोज पर होने वाली लाइक्स का हाफ सेंचुरी, सेंचुरी, डबल सेंटरी इत्यादि सेलिब्रेट जरूर करे।

४ . बीवी के द्वारा शेयर की हुयी हर पोस्ट को Like करे खासकर वो वाली पोस्ट्स जिसमे वो बता रही है की पिछले जनम में भी उसके पति आप थे, या उसके लिए सबसे अच्छा शहर पेरिस है, या उसकी शकल किसी सेलिब्रिटी से मिलती है या वो इस दुनिया में क्यों आयी है । इन सब पोस्ट्स को बराबर like करिये। क्योंकि इनमे वो आपको already टैग तो कर ही चुकी है ।

५ . जब भी कोई फ़िल्म देखने जाओ या किसी मॉल में तफरी ही करने जाओ तो फेसबुक पर चेक-इन करना न भूलें , और हाँ उस चेक-इन में अपनी बीवी को टैग करना तो कतई न भूलें। बता रहा हूँ ये सबसे लोकप्रिय नुस्खा है सामंजस्य बैठाने का।


६ . आप भले ही ५ स्टार होटल या किसी लक्ज़री रेस्टारेंट के बाजू में खड़े होकर पानीपुरी खा रहे हो लकिन फेसबुक पर चेक इन होटल या रेस्टॉरेंट का ही करे।

७ . बजट निकाल के हर साल विदेश नहीं तो कम से कम मनाली, नार्थ-ईस्ट इत्यादि जगहों पर जाकर ढेरो फोटो खिचवा के आये। ज्यादा कहीं नहीं तो महाबलेश्वर या गोवा ही चले जाये। फिर उन फोटोज को साल भर एक एक करके चिपकाते रहिये with the tagline "Golden memories" . ये बहुत प्रभावित करने वाला नुस्खा है।
(लोगो को नहीं अपनी घरवाली को प्रभावित करने वाला नुस्खा )

अरे अरे रुकिए अभी आपके दिमाग में सवाल आया होगा बीवी को हर जगह टैग करके वो खुश कैसे होगी ? तो जनाब  ऐसा है कि बीवी को जब आप ऐसी सुहानी, रोमांटिक और महँगी घटनाओ पर टैग करते हो तो वो वो मैसेज जाता है बीवी की सहेलियों को। और यही तो आपकी बीवी चाहती है।
और वो इतना ही नहीं चाहती, वो यह भी चाहती है की उसके साथ आपकी मुस्कुराती हुयी फोटो लगाने से आपकी भी सखियों तक मैसेज पहुंचे कि आप अपनी बीवी के साथ कितने खुश है।

८  .अगली बात , अपने ज़ेहन में २ तारीखें परमानेंट मार्कर से गोद के रखे एक तो बीवी का जन्मदिन और दूसरा खुद का बलिदान दिवस (शादी की सालगिरह) . जैसे ही सालगिरह आये वैसे ही फिर वही, एक अच्छा सा दार्शनिक सा पोस्ट डाले और अपनी अर्धांगिनी को सालगिरह विश करें। ( फेसबुक पर ही )

 
९  . जब भी आप कुछ महंगा सामान खरीदें खुद के पैसो से खुद के लिए, तो उसको ख़ुशी ख़ुशी इस्तेमाल करने के लिए पहले फेसबुक पर डिक्लेअर करे की यह खूबसूरत तोहफा आपको आपकी beloved wife ने दिया है और आप उसके शुक्रगुजार है। उसको फेसबुक पर ही थैंक यू भी कहें। यह बात हर चीज पर लागू होती है, जी हाँ आप कच्छे बनियान तौलिये को भी गिफ्ट डिक्लेअर कर सकते है।

१०  .  अंतिम बात ,आप अगर राजनीती, खेलकूद, वैश्विक समस्याएं, सामाजिक कुरीतियों या टेक्नोलॉजी से जुडी कोई पोस्ट कर रहे है तो गलती से भी उसमे अपनी बीवी को टैग न करे।  ये सारी बातें एलर्जिक हो सकती है और आप को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते है। लेकिन अगर आप बॉलीवुड या टीवी जगत से जुडी कुछ बात शेयर कर रहे है तो पक्का टैग करे।

और हाँ सबसे बड़ी बात, ये नुस्खे वाली बात अपनी बीवी को कतई न बताये, मेरा नाम लेकर तो बिलकुल नहीं। प्लीज हाथ जोड़कर विनती है।

अभी के लिए इन १० बातो पर अमल करिये, तब तक मैं कुछ और नुस्खे खोज के लाता हूँ।

मजा आये या न आये मेरी इस पोस्ट को लाइक जरूर करना सिर्फ यह जताने के लिए की आप एक भले मानस है। नहीं किया तो काला कुत्ता पीछे पड़ जाये

Saturday, 26 October 2013

सूरज स्त्री है या पुरुष ? ( Gender of Sun)

डिस्क्लेमर: यह पोस्ट महिला दिवस के उपलक्ष्य में इस दुनिया की समस्त नारीयों  को समर्पित है, तथा अंत में उन्ही नारीयों  के लिए एक सन्देश भी निहित है। अतः कृपया पूरी पोस्ट पढ़े। 
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सूरज, भानु, सूर्य, प्रभाकर, दिनकर, आदित्य, भास्कर, रवि, दिवाकर और आफताब.. …
मैं यहा किसी स्कूल की कक्षा मे हाज़िरी नही ले रहा हूँ, मैं तो सूरज के भिन्न भिन्न नामो का उच्चारण कर रहा हूँ, आपने गौर किया कुछ, जीतने भी नाम है सूरज के सभी पुल्लिंग में है, मतलब सूरज को एक पुरुष की उपाधि दी गयी है, पौराणिक मान्यताओ की भी माने तो सूर्य देव, एक नर ही है|

परंतु मैं सोंच रहा था कि नाम और पौराणिक कथाओ को एक तरफ रख कर सोचे तो सूरज मे पुरुषो के कोई ज़्यादा गुण नज़र नही आते है।
आप बोलोगे की कैसे, तो भाई साब(हांजी, मैं भाईयों से ही कह रहा हूँ) एक बात बताईए जब आप कोई बहुत ही सुंदर, आकर्षक नैन नक्श वाली, भरपूर डील-डौल वाली कोई कन्या को देखते है तो आप अपनी "कूल लॅंग्वेज" मे क्या कहते है ? ....... "Woww she is so hot" अथवा बड़ी हॉट है बे.... ऐसे ही जुमले निकलते है ना आपके मुँह से, अब यह चर्चा फिर कभी करेंगे की लड़कियों के आकर्षण का पैमाना तापमान से कैसे पता चलता है, बहरहाल बात करते है हॉट की, तो आप किसी पुरुष को हॉट नही कहेंगे, कन्या को ही कहेंगे है की नही? तो इस हिसाब से सूरज तो हॉटेस्ट हुआ/हुई, तो यह गुण तो स्त्री का ही हुआ ना।

चलिए एक और उदाहरण लेते है, जब वही अति ताप वाली कन्या मतलब होटेस्ट गर्ल आपके क्षेत्र में , कॉलेज में , ऑफीस में  या पड़ौस में ही रहने वाली है, तो आप उसके चक्कर काटने शुरू कर देते हो, गोल गोल round round , हैं ना भाई साब, सच कह रहा हूँ ना? माफ़ करना अगर बात बुरी लगे तो ।

फिर आपको पता पड़ता है की ऐसे चक्कर काटने वाले आप अकेले नही है और भी भाई लोग है लाइन मे, कोई थोड़ा नज़दीक तो कोई थोड़ा दूर, पर है चक्कर काटने को मजबूर। अब बात करते है सूरज की, इसके आसपास चक्कर काटने वालो की भी कोई कमी नही है, मंगल से लेके शुक्र, गुरु से लेके बुध और शनि से लेके यम, अरुण से लेके वरुण तक सब के सब उस बेचारे / बेचारी सूरज के पीछे नहा धोके या बिना धोये पड़े है।
इसीलिए इन्ही सब पुरुष ग्रहो से तंग आके प्रथ्वी भी सूरज के इर्द-गिर्द होस्टल वॉर्डन की तरह चक्कर काटती रहती है, परंतु बेचारी पृथ्वी के ही पीछे एक दूसरा मजनूँ  "चाँद" पड़ा हुआ है, घूमता रहता है आगे पीछे। 

एक और उदाहरण देखते है, वो अंग्रेजी में कहते है न "लास्ट बट नोट दी लिस्ट" याने की आखिरी उदहरन जो आपको वाकई में सोचने पर मजबूर कर देगा की सूरज पुरुष है या स्त्री , अगर कोई आपको कहे कि जाओ सूरज को एक जैसा निहारो, तो आप क्या करेंगे? हाँ हाँ ऐसा कौन पागल कहेगा की सूरज को निहारो परन्तु मान लो न की अगर ऐसा करना ही पड़े तो आप कैसे करेंगे ? सनग्लासेस  का इस्तेमाल करेंगे और पुरे आत्मविश्वास  के साथ सूरज कि आँखों में याने उसकी किरणो में आँखें डाल के देखेंगे। अब वहींअगरआपको किसी कन्या को देखना हो बिना किसी को पता पड़े  तो "सेम  तो सेम ""   वही सनग्लासेस पहन के भरपूर ताडेंगे । तो सूरज में और कन्या में समानता हुई कि नहीं ?

तो देखा आपने सूरज का नाम सूरज नही सुरजिया बाई होना चाहिए, जो अपने आकर्षण के जाल मे फंसा कर इतने सारे गृहो को अपने आगे पीछे घुमा रहीहै। 

बात यहीं ख़तम नही हुई, माना दसियों गृह सुरजिया के चक्कर काटते फिरते है,  परन्तु मजाल है कि कोई थोडा करीब जाने कि हिम्मत भी कर पाये।  दूर से ही दर्शन करके सुखी है सभी। सुरजिया भी अपनी पूरी चमक लिए रोजाना अपने नियत समय पर घर से निकलती है और नियत समय पर घर पँहुचती है, लाखों करोडो सालो से ऐसा ही चला आ रहा है। सुरजिया कभी डरी नहीं , घबराई  नहीं , सदियों से चक्कर काट रहे गृह भी कभी उसका कुछ बिगाड़ नहीं पाये ।

  मैं अपनी इस पोस्ट के माध्यम से सभी नारीयों से यही कहना चाहूँगा कि आप भी सूरज कि भांति ही हो, चमकीली और दिशा देने वाली, कहते है इस संसार में राह कि दिशा का ज्ञान सूरज से और जीवन कि दिशा का ज्ञान एक नारी से ही मिलता है। तो इस जगत कि नारी तुम सूरज कि तरह अपने अक्ष पर विराजमान हो, चमको और दिशा निर्धारण करो, परन्तु किसी के दुस्साहस से मत डरो, और अपने भीतर जलने वाली ज्वाला से उसका सर्वनाश करो ।




सूरज सी चमक है तुझमे अगर
तो उसका ताप भी है
  दुःखियों को देख के पिघल जाए, हृदय मे ऐसी नरमी है
तो दूर्जनों  को जला कर भस्म कर दे ऐसी गरमी भी है
हैं नारी तू जननी है, विधाता है, रूप है काली का, चंडी का
  राक्षसो को जलाके कर सकती है तू राख
  तेरी तरफ एक बार भी उठे जो उनकी आँख !!










------चित्र इंटरनेट से साभार